ADVANTAGE & RISK (DISADVANTAGE) OF BUYING PLOT (IN HINDI)

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ADVANTAGE & DISADVANTAGE OF BUYING PLOT (IN HINDI)

प्लाट खरीदने के फायदे और नुकसान

प्लाट खरीदने के कुछ फायदे है और नुकसान भी तो चलिए जानते है. सबसे पहले हम यह जान लेते है की जमीन (land) कितने तरीके की होती है, एक तो होती है कृषक (Agricultural) और एक अक्रुशक (Non-Agricultural). कृषक जमीन (Agricultural land) पर आप कंस्ट्रक्शन नही कर सकते है उसके लिए आपको जमीन को conversion करना पड़ता है कोई भी approved authority से अप्रूवल लेना पड़ता है. उसे CUL (Change in Land Use) कहा जाता है. तो अगर आप किसीभी तरीके का प्लाट खरीदते है चाहे को Residential, Commercial, Industrial, Institutional ये जरुर जान ले की उसका CLU-Approval लिया गया है या नही.

प्लाट में निवेश (invest) करके के फायदे (Advantage):

  1. ROI – Return on Investment:
    प्लाट खरीदने का सबसे बड़ा फायदा यही है की इसके आपको high-returns मिलते है. प्लाट का ROI काफी अच्छा होता है बल्कि शेयर मार्केट से भी जादा रिटर्न्स आपको मिल सकते है. बहोत केसेस में आप 15% से 20% तक returns की उम्मीद कर सकते है. अगर आप किसी ऐसी जगह के निवेश करते है जहा पर काफी ज्यादा Economic growth  हो रही है, और Industrial Corridors है तो ऐसी जगह में आपको 30% से 35% के returns भी आ जाते है.
  2. Lower Property Tax:
    प्लाट में निवेश करने का यह भी बड़ा फायदा है की इसका प्रॉपर्टी टैक्स बहुत ही कम लगता है कोई भी constructed प्रॉपर्टी के मुकाबले. क्युकी यहाँ पे कोई build-up स्पेस नही होती.
  3. No Maintenance Cost:
    प्लाट की रख-रखाव (maintenance cost) भी बहुत कम होती है. आपको प्लाट में एक boundary ही करना होता है बस. अगर कोई built-up स्पेस है या कोई Residential/Commercial प्रॉपर्टी है उसके लिए आपको एक maintenance cost देनी पड़ती है.
  4. No Tenant Issue:
    प्लाट में कोई किरायेदार की भी परेशानी नही होती है इसलिए कोई tenant issue प्लाट में नही आते है. Built-up स्पेस में आपको काफी tenant issue आते है. प्रॉपर्टी का आपको रख रखाव करना होता है. किरायेदार आपके प्रॉपर्टी को कई बार ख़राब कर देते है तो ऐसा कोई issue प्लाट के साथ नही होता है.

अब कुछ जोखिम (risk) देख लेते है. प्लाट में निवेश करने का कोफ़ी जोखिम भी होता है.

प्लाट में निवेश (invest) करके के नुकसान / जोखिम (Risk/Disadvantage):

  1. Title Risk – Ownership and Encumbrances:
    अगर कोई प्लाट ownership में सेल कर रहा है, वह सही में उसका मालिक है की नही ये जानना बहुत जरुही है. रियल ओनर आप ऑनलाइन भी पता कर सकते है. इसके ऊपर एक आर्टिकल बना है कृपया आप वह भी देख सकते है. (Know Real Owner of Property). उसके बाद आपको यह भी देखना जरुरी होता है की उसपे कोई भार Encumbrances (Third Party Claims) तो नही है. Third Party Claims में आपका लोन हो सकता है. प्लाट लीज पे तो दिया नही है वह देख ले या फिर कोई कोर्ट केस लीगल issue.
  2. CLU Risk – Approved for Residential / Commercial Development:
    Change in Land Use का भी एक बड़ा risk होता है. कई बार कोई डेवलपर, बिल्डर CLU approval लेते ही नही है और प्लाट बेच देते है फिर पता लगता है की आप वहा कंस्ट्रक्शन नही कर सकते. CLU approval आपको Authority से लेना होता है.
  3. Zoning Risk – Residential / Commercial Zone as per Master Plan:
    अगर आप कोई प्लाट खरीद लिए है यह मानके की वह कोई रेजिडेंशियल या कमर्शियल है. और वह Master Plan के हिसाब से रेजिडेंशियल / कमर्शियल जोन में नही आता है. वह अगर Forest Land, Coastal Reservation या Green Zone और या फिर किसी भी जोन में आपको यह जानना जरुरी है की जोन क्या है.
  4. Physical Measurement – Exact Area Promised by Seller:
    कई बार मेज़रमेंट की समस्या आ जाती है. Exact एरिया जो बेचवाल (seller) प्रोमिस करता है वह कई बार कम होता है, जब आप physically measure करके देखते है.
  5. Encroachments – Seller has the Possession of Entire Land?
    Encroachment प्लाट के अन्दर में काफी बड़ा risk होता है. अगर आपके आजू बाजु वाले ने 1-1 फूट की boundary आपके प्लाट पे बना ली तो आपकी जगह कम हो जाएगी. अगर आप अपने प्लाट पे कभी जाते नही है visit नही करते है तो पता चलता है किसी और ने ही कब्ज़ा कर लिया और Possession ले लिया हो तो इस तरह के encroachment में काफी बड़ा risk होता है.
  6. Investment Risk – Capital Appreciation in Future:
    जो प्लाट आपने ख़रीदा है वह appreciate होगा की नही उसका जादा भाव आएगा की नही ये भी बड़ा risk प्लाट में होता है. मान लीजिये अपने बहुत दूर सिटी दायरे के बहार १००-२०० किमी दूर कोई प्लाट ख़रीदा हो और वह पे कोई इंडस्ट्रीज भी नही है तो वह पे appreciations की सम्भावना बहुत कम होती है. 20-30 साल तक उसकी उतनी की उतनी ही कीमत रह जाये. तो यह बहुत जरुरी हो जाता है की कोई भी लोकेशन आप choose कर रहे है वह बहुत ध्यान से करे.
  7. Liquidity Risk – Can I sell it when I need?:
    इसका मतलब यह है की आप भविष्य में समय पर और आपके जरुरत के हिसाब से बेच पाएंगे या नही. प्लाट ऐसा निवेश होता है जिसे आप मन चाहे जब नही बेच सकते है. Real Estate हमेशा E-liquid investment होती है तो आप इसे long-term investment या कम से कम 5 साल का निवेश मान के चलिए.
  8. No Rental Income:
    प्लाट खरीदने का इसको नुकसान ही कहेंगे की इसकी कोई भी rental income नही आती है. अगर आप प्लाट किराये पर नही लिया जाता इसलिए कोई भी किराया आपको नही मिल पता है.

तो यह है प्लाट खरीदने के फायदे और कुछ जोखिम. प्लाट कैसे ख़रीदे इसपे भी जानकारी देंगे अगले आर्टिकल में. यह आर्टिकल आपको कैसा लगा या अपने कुछ सुझाव कृपया हमे कमेंट करके बता सकते है. हमसे उही जुड़े रहें, EstateLive ऐसे ही प्रॉपर्टी से सन्दर्भ में जरुरी जानकारी से अवगत करता है.

धन्यवाद्.

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